पावन गाथाएँ

पुराण

अष्टादश महापुराण

पुराण वेदों के शाश्वत सत्यों को कथाओं के माध्यम से सुलभ बनाते हैं — देवताओं की लीलाएँ, ऋषियों का ज्ञान, और सर्वोपरि महादेव की असीम महिमा।

महादेव की महिमा

शैव पुराण

अठारह महापुराणों में से कई भगवान शिव को समर्पित हैं। ये हमारे मंदिर में पढ़े एवं पूजे जाते हैं, क्योंकि ये बताते हैं कि शिवलिंग की पूजा क्यों होती है, भक्ति किस प्रकार मुक्ति देती है, और भगवान अपने भक्तों की सदैव रक्षा कैसे करते हैं।

शिव पुराण

शिव पुराण

भगवान शिव की महिमा पर सर्वप्रमुख शास्त्र — उनकी लीलाओं, शिवलिंग की महत्ता, ज्योतिर्लिंगों एवं भक्ति मार्ग का वर्णन। यह शैव परम्परा का हृदय है।

लिङ्ग पुराण

लिङ्ग पुराण

शिवलिंग की परम-निराकार स्वरूप के रूप में महत्ता, तथा सृष्टि-विज्ञान, युगों एवं शिव-पूजन की विधियों का विवेचन करता है।

स्कन्द पुराण

स्कन्द पुराण

महापुराणों में सबसे विशाल, भगवान कार्तिकेय के नाम पर। यह अनगिनत पावन तीर्थों एवं शिव क्षेत्रों के माहात्म्य से समृद्ध है।

सम्पूर्ण संग्रह

अठारह महापुराण

01ब्रह्म
02पद्म
03विष्णु
04शिव
05भागवत
06नारद
07मार्कण्डेय
08अग्नि
09भविष्य
10ब्रह्मवैवर्त
11लिङ्ग
12वराह
13स्कन्द
14वामन
15कूर्म
16मत्स्य
17गरुड़
18ब्रह्माण्ड

शिव के भक्तों को सर्वाधिक प्रिय पुराण उभरे हुए दर्शाए गए हैं।

जो शुद्ध हृदय से क्षण भर भी शिव का स्मरण करता है, वह संसार-सागर को पार कर जाता है।

— शिव पुराण